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स्वर्ग सम यह संसार
योगक्षेम
उदय सिंह
माता-पिता आज्ञाकारी छत्रछाया
न्यायपूर्ण मात्रा
शिक्षा
संस्कारित जन
देवी सम पूज्य
बीजडालाधरतीमेंनन्हापौधाउगआयाहाथमिलानेमानवसेकैसाखिलखिलाया।
यशोदा
स्वर्ग सम
अद्भुत शक्ति हमारी
आप ही है
सम भाव
अल्कोहल
अनियंत्रित विष सम
नारी
व्ध्य्मानम
प्यार
दुरभाव
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सम द्रष्टा
Quotes
विवाद खडा करना कायरो के लिये एक पल का काम है // विवाद को न ...
ये प्रकृति है सबके साथ सम भाव रहती है, फिर हम मानव ही क्यूँ ...
सीमित उचित न्यायपूर्ण मात्रा, विचार विहार भोजन या जल। अनियमि ...
देवी सम पूज्य है , भारत देश में नारी। काली दुर्गा के समान, स ...
प्रथम जरूरत है स्वप्रेम की, करने को जग में सबको प्यार। जब प् ...
शिक्षा वही है सार्थक, जो दे सबको संस्कार। सबको ही दे अपनापन, ...
वे ही बच्चे होते सबसे अच्छे, संस्कारित और सीधे सच्चे। हों आज ...
तत्पर हम सबकी रक्षा के हित, सब सबकी रक्षा हित तैयार हैं। सार ...
हम निज जीवन बनाएं सरित सम, जिसमें रहे अविरल सतत् प्रवाह। नि: ...
धाय मां पन्ना को उदय सिंह, यशोदा को कृष्ण मुरारी। जन्मदात्री ...
धाय मां पन्ना को उदय सिंह, यशोदा को कृष्ण मुरारी। जन्मदात्री ...
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