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दुरभाव व्ध्य्मानम जरूरत खुशहाली अनियंत्रित विष सम आप ही है योगक्षेम कुछ भी न चाह अपनापनइंसानियत स्वप्रेम युक्ति वाद भाई बहन निज जीवन उदय सिंह प्यार बीजडालाधरतीमेंनन्हापौधाउगआयाहाथमिलानेमानवसेकैसाखिलखिलाया। माता-पिता आज्ञाकारी छत्रछाया नि:स्वार्थ भावों सारा ही संसार कृष्ण मुरारी

Hindi सम द्रष्टा Quotes